पूर्णिया/मोतिहारी। बिहार में संविदा और आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत बेल्ट्रॉन (BELTRON) डाटा एंट्री ऑपरेटरों एवं कर्मचारियों का आंदोलन अब तेज होता नजर आ रहा है। सेवा समायोजन और स्थायी कर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को पूर्णिया से लेकर मोतिहारी तक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन और रोड मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
पूर्णिया में बेल्ट्रॉन संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने शहर के थाना चौक पर रोड मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एकल मांग के रूप में सेवा समायोजन की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि वे वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और सेवा सुरक्षा नहीं मिल रही है।
प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारी ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग बेल्ट्रॉन कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के साथ सेवा सुरक्षा, भविष्य निधि (पीएफ) की सुविधा और उचित वेतनमान सुनिश्चित करना है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग को बेल्ट्रॉन कर्मियों के लिए नोडल विभाग घोषित करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।
वहीं, मोतिहारी में भी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने विरोध मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार ने की। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार के डाटा एंट्री ऑपरेटरों की एक ही प्रमुख मांग है कि उन्हें स्थायी कर्मी का दर्जा दिया जाए। यह मांग पिछले करीब 20 वर्षों से सरकार के समक्ष उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
संघ अध्यक्ष ने कहा कि लंबे समय से मांगों की अनदेखी के कारण कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से सरकारी विभागों में जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें नौकरी की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर सेवा समायोजन का ठोस निर्णय लेना चाहिए।
फिलहाल, पूर्णिया और मोतिहारी में हुए इन प्रदर्शनों के बाद बेल्ट्रॉन कर्मियों का आंदोलन बिहार में और तेज होने के संकेत दे रहा है। अब देखना होगा कि वर्षों से सेवा समायोजन और स्थायीकरण की मांग कर रहे इन कर्मचारियों को लेकर बिहार सरकार क्या कदम उठाती है।
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